फागुन

कोयल कूकी अमराई तो कुहू कुहू का शोर उठा फागुन आया सिहराते इससे सबको पता चला । धरती को सारे कण कण पर्यावरण का हर हर्षित हुआ है रोम रोम चमक उठा जैसे सोना। किसने बता दिया उसको ये ऋतु परिवर्तन की बात वनस्पतियां सुलग उठी हैं सब हो रहा अपने आप। रात रानी ,रजनी … पढ़ना जारी रखें फागुन