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जीवन के झंझावातों से आते जाते आघातों से डरना नहीं न घबराना है दीप उम्मीद का जलाना है । चाहे प्रलय क्यों न आ जाये आकाश टूट कर गिर जाय् उथल पुथल हो सारा संसार उम्मीद का दीप जला रह जाये । इस दीप में है भीषण शक्ति पा सकती है अनंत में भक्ति घने…
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पंचम में पिक फूटते, अमराई में रोज । कभी मंद, फिर तीव्र में, रहे हृदयधन खोज ।। मनमोहक ऋतु आ गयी, मनभावन मधुमास । कली-कली है चाहती, भौरें आवे पास ।। मधु ऋतु की दीवानगी, मधु में खोया ठौर। आम्रडालियां झूमती, ले, ले, नूतन बौर।। नव कोंपल उग देखते, धरती का श्रृंगार। प्यारा मोहक दीखता, ये सारा संसार ।। …
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पंचम में पिक फूटते, अमराई में रोज । कभी मंद, फिर तीव्र में, रहे हृदयधन खोज ।। मनमोहक ऋतु आ गयी, मनभावन मधुमास । कली-कली है चाहती, भौरें आवे पास ।। मधु ऋतु की दीवानगी, मधु में खोया ठौर। आम्रडालियां झूमती, ले, ले, नूतन बौर।। नव कोंपल उग देखते, धरती का श्रृंगार। प्यारा मोहक दीखता, ये सारा संसार ।। …
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कोयल कूकी अमराई तो कुहू कुहू का शोर उठा फागुन आया सिहराते इससे सबको पता चला । धरती को सारे कण कण पर्यावरण का हर हर्षित हुआ है रोम रोम चमक उठा जैसे सोना। किसने बता दिया उसको ये ऋतु परिवर्तन की बात वनस्पतियां सुलग उठी हैं सब हो रहा अपने आप। रात रानी ,रजनी…
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देखा है मैंने उनको आंखों आंखों में हंसते मछली पालने की खुशी आपस में वितरित करते । साथ साथ आते दोनों व्यतीत करते सुखद पल खाना पीना सोना सब पूरा हो जाता तट पर। पकड पकड मछली दोनों पुलकित होते रहते थे आज इतना माल पाया एक दूजे से कहते थे । संतुष्ट आनंदित सभी…