अलादीन का जिन्न आया
विश्व पटल पर तिलिस्म छाया
फेक न्यूज की है माया
जेनुइन को तो छिपाया ।
झूठ ने इक पट्टी बांधी
सच्चों की खुली आंखों पर
झूठी टिप्पणियों का ढेर
पसरा है इंटरनेट पर ।
कृत्रिम बुद्धि चली भरभाने
झूठी बातों का अंबार
लेकर चलती हैं खम खम
नयन मूंदे बिना विचार ।
शेर आदमी बन जाता
बुढिया बन जाती बच्ची
बंदर मेक अप कर लेते
बातें लगतीं सच्ची सच्ची ।
सर्प ऊंट का दूध पीते
रस्सी पर सायकिल चलती
कुत्ते मुर्गे बोलते हैं
बातें होतीं सस्ती सस्ती ।
वैरागी ज्ञानी संत भी
फॉलो शेयर को मांगे
परोपकार की मूर्ति बन
धन दौलत लेते जायें ।
समाचार के सागर में
नकली टिप्पणी भरी पडी
ये शब्दों का शस्त्र चलाते
चित्र देते नित नई नई ।
सच कहीं दुबक जाता है
पाता विस्तार फेक न्यूज
बिना डरे देते हैं सब
दर्शक देते रहते व्यूज ।
झूठी बातों का संसार
इतना बडा कभी न था
अचंभित होती देख देख कर
ऐसा युग ही मांगा था ?
संवेदनाएं गायब हुई
मानव एकाकी रह गया
व्लॉगों की इस भीड में
अपने आप ही खो गया ।
विद्या
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