vidus

Eternal Learner

मुस्कान बांटने वाला सूरज

मसृण रश्मियां सूर्य की

अवनि को गुदगुदा देतीं

दबे हुए सारे बीजों को

प्राण भरकर जगा देती ।

उष्मा पाकर जड चेतन सब

नव जीवन से भर जाते

उर्ध्व मुखी होकर बढते

दृश्य देख कर मुस्काते ।

डाल कर अपनी असंख्य किरणें

दिनकर राह चलता जाता

बिखेर मुस्कान धरा पर

नव जीवन भरता जाता।

ज्योति जल जीवन मूल है

जग के जीवित जीवों का

आदि स्रोत है प्राणों का

हंसते खिसते फूलो का ।

सीखें उदारता इससे

सम भाव रख कर बांटना

नदी पहाड,खेत बागीचा

एक ही नजर से देखना ।

विद्या

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