When you were five, what did you want to be when you grew up?

पांचवें वर्ष की याद तो नहीं है पर जब मैं आठ वर्ष की थी तब मेरी मामी प्रोफेसर बनी थीं वीमेन्स कॉलेज पटना विश्वविद्यालय में मैं चौथी कक्षा में थी सूचना मिलने पर मेरे बाल मन ने सोचा था कि एम ए पास कर के अगर प्रोफेसर बनता है तो मैं सारे वर्ग को पार कर एम ए में पढ लूंगी फिर प्रोफेसर बन जाऊंगी लोग कहेंगे कितनी छोटी प्रोफेसर है और संयोग की बात है कि मैं अपनी उम्र के बाईस वर्ष नौ महीने में सुन्दर वती महिला महाविद्यालय तिलका मांझी भागलपुर विश्व विद्यालय में व्याख्याता बन गई ।

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