vidus

Eternal Learner

नारी

बारह बरस की मुनिया

उसकी शादी हो गई

मां ने गंगा स्नान किया

पिता भारमुक्त हुआ

और दो बरस बाद

पति ने दुष्चरित्रता का कलंक लगा कर

उसे छोड दिया।

अब वो घर घर वर्तन मांजती है

दर दर ठोकरें खाती है ,और

समाज के सफेदपोशों के

गिरेबान में झांक झांक कर

जीवन का सुख भोगती है ।

विद्या

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