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  • What are three objects you couldn’t live without? मैं 1990 से ही स्लिप डिस्क एवं हाई ब्लडप्रैसर से पीडित हूं इस कारण मेरे जीवन में मेरी दवाईयां ,छडी और ह्वीलचेयर ये ऐसी चीजें ऐसी हैं जिनके बिना मैं नहीं रह सकती हूं ।

  • वार्ता की नई चाल में जगत घूम रहा बेचैन पूरी भीड में एकाकी अपने आप में हैं लीन । सारे जग की न्यूज जान पाठक खबरी लाल बने नाते रिश्ते घर परिवार छोड सभी बेहाल बने। भूल रहे हैं हम सब यूं परस्पर बतकही करना छोटी छोटी बातों पर कहकहे लगाना हंसना । ड्राइंग रूम…

  • मैं एक टुकडा भले हूं पर बडा अहम हूं लाज युवतियों का छिपाने का साधन हूं सूती रेशमी सीफॉन जार्जेट मलमली हूं फुलकारी जरदोजी मधुवनी कढाई से सजा हूं पहले जहां बिना मेरे न निकलती थीं लडकियां मेरे कोमल स्पर्श से लरजती थीं सखियां हवा में उड जाता था उनका लालनीला दुपट्टा जवां दिल की…

  • What experiences in life helped you grow the most? मैट्रिक की कक्षा में तृतीय श्रेणी में पास होने के अनुभव ने मुझे बहुत दुख क्षोभ निराशा दिया था जिसके बाद मैंने मेहनत करना प्रारंभ किया और नेशनल स्कॉलरशिप प्राप्त किया ।

  • प्रचंड, प्रशांत, निरन्तर सततप्रवाह काल का चलता है।जन्म मरण की यात्रा में,क्षण क्षण सहयोग करता है।।विरवा वृक्ष बन जाना,शिशु से युवा वृद्ध बनना,कलियों का फूल बनना,फिर फूलों का मुरझाना,धीमे धीमे, एक गति से,मौन रह कर कार्य करना,सब समान रूप देखना,सम दृष्टि की सीख देना।महाशक्ति संपन्नता देखोपल क्षण को भी न सकता।अनंत प्रवाह लिए सृष्टि को,एक…

  • Do you believe in fate/destiny? हां मैं भाग्य पर विश्वास करती हूं।हमारा जीवन अदृश्य सत्ता के हाथ में है और उसने जो निर्दिष्ट कर दिया है उसको हम एक इंच भी इधर उधर नहीं कर सकते हैं ।कहा भी गया है “होईहैं वही जो राम रचि राखा को करि तर्क बढावै साखा ।”

  • तारा था मैं टूट गया अम्बर से अवनि पर पडा नभ के काले चादर पर अगनित बार लगा बिखरा । आकाश गंगा दुलारती थी सौंदर्य निखारती सुषमा गर्वित था चकचक लोग देखते थे टकटक । सोचता संसार अपना मेरे लिये ही बना है ये पूरा अनमोल धन चाहता जिसे बहुत मन । देख कर धीमा…

  • कहां आ गई अनजानों में दूर देश के वीरानों में उम्मीदों का राजा कहां है कपट जाल में फंसा जहां है छूटा मां का कोमल आंचल छत्रछाया पिता का प्रतिपल लडते कूटते भाई बहन संग संग अनगिनत प्यारे स्वजन। वहां सरिता सी कलकल बहती उमंग से भरी उछलती चलती बांध दिया इन दीवारों ने नियम…

  • उसकी उठती गिरती लहरें चिन्तन सी चलती रहतीं लगातार आती जाती सततता की कथा कहतीं। अनेक नदियों को पाकर अपने में विलीन करना खारा खारा बना देना एक रंग में रंग देना । ज्यों आत्मा ब्रह्म से मिल परम धाम पा लेती है त्यों नदियां सागर से मिल मॉजिल प्राप्त करती हैं । नीली आभा…

  • If you could be someone else for a day, who would you be, and why? No I am Vidya Rani not some one else