vidus

Eternal Learner

तुम

देख तुम्हारा सौन्दर्य

मुझे ऐसा लगता है

मानों चिल चिलाती धूप में

कहीं दीख गया हो

गुलमोहर या अमलतास

जो ग्रीष्म की भीषणता तो

कम नहीं कर सकता

लेकिन आंखों को राहत

अवश्य पहुंचाता है ।

ग्रीष्म के गर्द गुबार भरे

दिन,बदल डालते हैं

आकाश का रंग

नीला आकाश बन जाता है

सफेद धूल धूसरित

तब तुम्हारी उपस्थिति

आकाश को नीलाभ सौन्दर्य

की याद दिलाती है ।

विद्या

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