जन मन की पुकार सुनो
हो सके तो सीत्कार सुनो
सारे जहां से अच्छा
हमारे देश में गोलियों की दहाड सुनो ।
कुछ तो याद करो राम को
कृष्ण ,गौतम बुद्ध,गांधी को
भौतिकता की अंधी दौड में
शान्ति की पुकार सुनो।
बांटों न देश को खंड खंड
बांटों न मनुष्य को जाति जाति
हो सके तो जोडो सबों को
एकता की पुकार सुनो ।
विद्या
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