vidus

Eternal Learner

समाज

छात्र हैं हम

शिक्षक हम हैं

नेता हैं हम

जनता हम हैं

मजदूर हम हैं

पूंजीपति भी हैं हम

नौकर हम हैं

मालिक भी हम हैं

एक दूसरे की बखिया

उघेडते हुए

समाज की संरचना को

विकृत बनाते हुए ।

विद्या

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