vidus

Eternal Learner

आगमन

ज्यों किसी वृंत पर

फूल खिल उठता है

त्यों तेरे आगमन से

मन मेरा खिल रहा है।

शुभ शुभ आओ बबुआ

इस सुन्दर संसार में

स्वागत करेंगे हम

खुशियां अपार ले।

देख लेना ये दुनिया

आनंद मय हो रही

तेरे आगमन को गुन

पुलकित तन हो रही ।

सतरंगे फूल खिल खिल

स्वागत में बिछ रहे हैं

अपनी सुरभि बिखराकर

प्राण तर कर रहे हैं ।

सूरज चांद आते रोज

तेरा हाल पूछते हैं

चम चम करते तारे भी

ध्यान लगाये रहते हैं ।

चूं चूं करती है चिडिया

फुदकती नाचती रहती है

आयेगा किसदिन लाला

सच्ची मानों यही कहती है।

जब तितली नीली पीली

बागों में आ जाती है

कब तक आयेगा बाबू

पूछ पूछ कर जाती है।

सही समय पर आ जाओ

शुभ शुभ मेरे बबुआ जी

खुशी से झूम उठेंगे

नाना नानी आजा आजी ।

विद्या

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