vidus

Eternal Learner

“स्वतंत्रता “

हमें अपनी स्वतंत्रता को

संजो के ही रखना है

मरने से ना डरना है

बंटने से भी बचना है ।

कीमती आजादी अपनी

शीश दान से मिली है

अगर शीश काटोगे

तो फिर खो ही दोगे।

जहां पले खाये खेले

जीवन भर हम सब

उसे सब्ज रख कर ही

दुनिया चलाना है।

भारत माता रोती है

आपस में लडते नहीं

मिल जुल रहकर ही

सुखी रह पाओगे।

देश सबसे ऊपर

आजादी जरूरी है

प्रेम दया करूणा ही

मानवता बचायेगी।

हिंसा घृणा अहंकार में

हमें ना बांटो तुम

गौतम गांधी ने हमें

अहिंसा सिखाया है।

विश्व में जहीं भी रहे्

भारतीय ही रहते हम

शुभ संस्कारों से

पहचान बचाया है।ं

विद्या

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