vidus

Eternal Learner

“ऐट टेन डांस”

घडी कहां है ,पर्स किधर है

मोबाइल चार्ज है कि नहीं

कपडे प्रेस लंच बाक्स सब

ठिकाने पर है कि नहीं?

ठीक दस बजे पहुंचना है

बस आती है नौ बजे ही

रोज रोज लेट हो जाता

बॉस करता है बतकही ।

बस छूटी तो आफत है

टेम्पू रिक्शा के पीछे दौडो

ज्यादा पैसे जायेंगे अलग

बॉस कहेगा जॉब छोडो।

हडबडी औ वेचैनी है

पहले तो नौकरी पाने की

मिलने पर फिर वेचैनी है

रेगुलर टाइम पर जाने की ।

ऐट टेन डांस में लगी है

अपनी पचास प्रतिशत जनता

सरकारी या प्राइवेट जॉब

हर जगह यही हाल बनता ।

सर का पसीना पिछवाडे

पोछते जाते हैं कामगार

फिर इसी के लिये व्याकुल हैं

अपने लाखों वेरोजगार।

शहर का दृश्य देखिये

ऑफिस वाले दिन का

हर लाल वत्ती पर लगी है

लाइन सब ट्रैफिक का।

इसी डांस में लगे हुए हैं

चपरासी से अफसर तक

मोटर ,टेम्पू ,रिक्शा ,सायकिल

सभी वाहन हैं सडक पर।

एक पैर पर खडे रहते

सोमवार से शुक्रवार तक

शनि रवि जो छुट्टी मिलती

बीत जाती तैयारी तक ।

पति पत्नी दोनों जाते

फिर तो भागम भाग है

ईर घाट कोई वीर घाट

सुख शान्ति से वैराग्य है ।

विद्या

——////——////——////——////——

··················

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करे