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Eternal Learner

“श्री राम मंदिर में चोरी”

चोरी हुई राम मंदिर में

चारो ओर शोर मचा

क्यों चुराया किसने चुराया

किसने चक्रव्यूह रचा।

क्या संयोग है हे राम जी

आपके साथ भी ऐसा

हर युग में आपके साथ

कैसे हो रहा ऐसा।

ज्यादा निर्द्वन्द ,निस्पृह रहकर

गाना समानता का राग

मर्यादा की सीमा साधना

जगाना दुनिया भर का भाग।

हमने सुना है “राम नाम जपना

पराया माल अपना “फिर

काम नहीं कुछ करना

खाली बैठे बैठे खाना ।

“अजगर करे न चाकरी

पंक्षी करे न काम

दास मलूका कह गये

सबके दाता राम”

“राम जी की चिडिया

राम जी का खेत

खालो चिडिया

भर भर पेट”

अब चिडियों ने खा लिया

हल्ला क्यों मचा रहे

चोरों को चोरी की बुद्धि

राम जी ही तो दे रहे।

त्रेता में रावण ने जब

चुराया था माता सीता को

विद्वजनों ने कहा कि प्रभु

आये थे लीला करने को।

पांच सौ साल पहले फिर

आपका मंदिर चुराया गया

इतने दिनों तक भगवन आपको

टेन्ट में ही रहना पडा।

टेन्ट में रहे रिक्त हस्त रहे

कोई चोरी नहीं हुई

श्रद्धा का अंबार लिये

भक्त जन जार जार रोते रहे।

असीम श्रद्धा अगाध भक्ति से

जन सैलाब उमडता रहा

इतने युगों के बाद भी

कण भर भी कम न हुआ।

संयोग ऐसा बना भगवन

मंदिर फिर हम बना पाये

आपकी कृपा से हिन्दू जन

विपुल राशि जुटा पाये ।

कितना जीवन स्वाहा हुआ

दिया गया अनमोल बलिदान

धर्म कार्य में मरने से

होता है महा कल्याण।

जैसा आपका व्यक्तित्व है

सुन्दर ,सौम्य,सहज व्यवहार

पाप पुण्य हरण हो जाता

देख लेता जो एक बार।

यहां विभिन्न दल के लोग

खींचा तानी करके रहेंगे

तारीख पर तारीख करते करते

कीचड उछाल कर छोड देंगे।

अब इन चोरों को क्या करेंगे

इसको ठीक से समझें आप

जैसा हर युग में दंडित किया है

वैसा जरूर करेंगे आप ।

आज की प्रबल राजनीति में

कभी नहीं फसेंगे आप

कडे से कडा दंड देंगे

जिसने भी किया ये पाप।

विद्या

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