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Eternal Learner

“सत्य और झूठ”

सत्य और झूठ का खेल

सदा से चलता आ रहा

है जटिल सत्य की राह

सरल झूठ का मार्ग रहा।

सत्य से खलनायक बनते

झूठ नायक बना जाता

सत्य की राह चलने पर

मानव दंड ही पा जाता।

सत्य बोला था सुकरात ने

दंड में जहर पीना पडा

जियोर्दानों हूनों को भी

जीते जी जलना पडा।

खगोल शास्त्री गैलीलियो को

अंत में नजर बंद किया

दार्शनिक बारूक स्पिनोजा को

समाज से बहिष्कृत किया।

राजा हरिश्चन्द्र ने सत्य बोला

राज्य परिवार छोडना पडा

डोम राजा का नौकर बनकर

बेटे का कफन मांगना पडा।

सत्य बोल कर कबीर ने

धर्मान्धों की पोल खोली

सबकी अवहेलना झेल कर

सुनते रहे कडवी बोली ।

जाने कितने सत्यवादी

हर समय दंड पाते रहे

संत ,राजा,त्यागी,वैज्ञानिक

सत्य मार्ग पर ही बलि चढे।

तेज सत्य का बडा तीक्ष्ण है

झेल नहीं पाता संसार

अक्ष में चुभता लक्ष्य विगडता

चल पडता अविवेक के मार्ग।

झूठ क्षणिक विजय दिलाता

करवा देता है बंटाधार

सत्य कठिन राह चलवाता

पर उसका है सही व्यापार ।

विद्या

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