गांव समाज परिवेश बदलते
चरित्र बदल जाता है
गाय,गोबर,करसी,चुल्हा
से छूट जाता नाता है।
गंवार सिलिया को जब
शहर में पढाया जाता है
आंय,की बोलने वाली
यस ,व्हाट बोलने लगती है।
मार्डन बनते ही जूम मिटिंग में
ओके,थैंक्यू ,सॉरी,हॉय
एम आई औडिएबुल ऑर नॉट
गिट पिट करने लगती है।
एजुकेशन ने भाषा बदली
रहन सहन औ भाव विचार
अनम्यूट कीजिये माइक खोलिये
तब होगा परस्पर व्यापार।
मायोनीज औ मोमोज खाना
पिज्जा ,बर्गर ,सुशी आमलेट
तरह तरह के कॉन्टिनेन्टल
देशी विदेशी चॉप कटलेट।
साडी वाली सिलिया ने पहनी
शॉट ,टॉप ,फुलपैंट,फुलोवर
लम्बी चोटी काट काट कर
बनी बॉयकट हुआ मेक ओवर।
ये पूरा मेक ओवर मार्डन है
सूट दुपट्टा बहन जी बना
साडी तो देहाती माय है
सबके दिमाग में है ये ठना।
जब तक फूल हॉफ पैंट न पहने
सिलिया सिलिया ही रहेगी
वैसा ड्रैस पहनते ही वो
सिस या सिल हो जायेगी ।
विद्या
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