vidus

Eternal Learner

“मानव की नियति “

सब कुछ यांत्रिक करते जायेंगे

जीवित नहीं रोबोट रखेंगे

मशीनी सभ्यता ले आयेंगे

जग को बदल कर रखेंगे

अनजाम चाहे जो भी हो।

उडने वाली कार बन रही

नर नारी भी उडने लगेंगे

सब ऑटोमेटिक बनेगा

फिर असीम सुख मिलेगा

अनजाम चाहे जो भी हो।

चांद पर जमीन खरीदेंगे

वहां भी साम्राज्य फैलायेंगे

पृथ्वी को नष्ट करके

सारे वहीं जाकर रहेंगे

अनजाम चाहे जो भी हो।

अस्त्र शस्त्र में धन झोकेंगे

नये नये मिशाइल बनायेंगे

मारने और बचाने वाली

ढेरों तकनीक अपनायेंगे

अनजाम चाहे जो भी हो।

अनुसंधान में पागल हो रहे

प्रकृति का नित दोहन करते

हवा पानी सबको दूषित कर

पर्यावरण का विनाश करेंगे

अनजाम चाहे जो भी हो।

जो मुफ्त था होगया महंगा

पानी बडे भाव में बिकता

एयर प्युरिफायर लाये हैं

हवा की भी वही गति करेंगे

अनजाम चाहे जो भी हो।

वृक्ष काट काट सडक बनेगी

सभ्यता गांव गांव पहुंचेगी

सभ्य से सभ्य बनते जायेंगे

कांक्रीट के जंगल में रहेंगे

अनजाम चाहे जो भी हो।

सारी करतूतें हैं विनाश की

विकास के नाम करते जायेंगे

विज्ञान की अंधी दौड में

विश्व को जरूर दौडायेंगे

अनजाम चाहे जो भी हों।

स्वचालित दुनिया के लोग

बहुत ज्यादा ही सुख पायेंगे

एक गलत बटन दबने से

आमूल चूल उड जायेंगे

अनजाम चाहे जो भी हो ।

विद्या

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