झारखंड के रामगढ में
सुन्दर रजरप्पा है स्थित
पहाडियों पर बहती धारा
कर लेती मन को मोहित।
ऊंचाई से गिरती भैरवी
हहराती नदी दामोदर में
संगम होता दोनों का
मिलकर चलती घाटियों में ।
नदियों का अनूठा मिलन
चहुं दिश हरी भरी पहाडियां
जल प्रवाह उन्मत्त चलता
गूंजती झर झर की ध्वनियां ।
काले सफेद पत्थर फैले
इस घाटी में यहां वहां
उस पर बहती धवल धार
अभिराम बना देती जहां ।
जल पक्षी औ थल पक्षी सब
बतख ,फुदकी ,मैना,तोता
रहते वहां बहुतायत में
सुन्दर दृश्य बन जाता।
बतख सपरिवार चलते
आगे पीछे पंक्तियों में
बीच बीच में डुबकी मार
आनंदित होते रहते मन में ।
कबूतर ,बुलबुल,बाज,उल्लु
भी रहते हैं आस पास
पर्यटकों के आवागमन से
रहती है भोजन की आस।
लम्बी पूंछ वाली श्राइक
काला ,नारंगी,सिलेटी रंग
फुदक फुदक कर दाना चुगते
अपनी प्यारी मादा के संग।
प्रवासी राजहंस ,लालसर
पनकौवा,भुइला ,खंजन
सर्दियों में आ जाते हैं
करते रहते मनो रंजन ।
शांत वातावरण घने जंगल
पहाडियां हैं विपुलता से
विशाल काय प्राकृतिक चट्टानें
पसरी हुई हैं प्रचुरता से।
पत्थरों के चट्टानों पर बहते
स्वच्छ जल की तीक्ष्ण धार
सतरंगी पंक्षियों से मिल
सुन्दरता में आता उभार ।
विद्या
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