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Eternal Learner

“हार नहीं मानना है”

चाहे हो घना अंधेरा

मार्ग नहीं सूझता हो

पग पग पर कांटें हों

बढना बहुत मुश्किल हो

हार नहीं मानना है

दूर हो रहे परिजन हों

लगता नहीं कहीं मन हो

अपमान भरा आमंत्रण हो

पास में न साधन हो

हार नहीं मानना है।

कल का कुछ पता न हो

आज भर का ही राशन हो

परिवार का टेंशन हो

कमा कर लाने का चैलेंज हो

हार नहीं मानना है।

गिरती दीवारें संभालना हो

दुष्टों को निकालना हो

पानी में आग लगाना हो

या आग में पानी डालना हो

हार नहीं मानना है।

कोई जड काट रहा हो

कुटुम्बों को बांट रहा हो

जड में मटठा डाल रहा हो

बर्बाद करते जा रहा हो

हार नहीं मानना है।

कठिनाई औ उथल पुथल में

ऊपर नीचे होते स्तर में

आशा का एक दीप जला कर

उम्मीद का पल्ला पकडना है

हार नहीं मानना है।

कठिन मार्ग पर चलना जीवन है

धैर्य ,विश्वास ,संतोष ही धन है

पकड कर रहना आजीवन है

शान्त करना मन उन्मन है

हार नहीं मानना है।

हाथ पर हाथ रख कर नहीं बैठें

परिश्रम करते रहे निरन्तर

जो चाहेंगे मिल जायेगा

पक्का इरादा भर अभ्यंतर

हार नहीं मानना है।

जीवन भी अपना नहीं है

कुछ पलों की ही मोहलत है

क्या हुआ जो सुख चला गया

क्या हुआ जो दुख आया है

हार नहीं मानना है।

एक पतली बारीक रेखा

हार जीत के बीच खडी है

दृढ मन मजबूत तन से

उस रेखा को तोडना है

हार नहीं मानना है।

विद्या

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