पति पत्नी की जोडी जो
सत्तर वर्ष तक बने रहते
एक दूसरे के लिये जरा
ज्यादा ही चिन्तित रहते।
समय कटता इस चिन्ता में
कौन पहले जायेगा
मेरे जाने के बाद ध्यान
इसका कौन रख पायेगा?
पहले मैं चली जाऊं अगर
इनके साथ रहते -रहते
कितना अच्छा हो जायेगा
जाऊंगी सुहागिन रहते।
मैं चला जाऊं अच्छे से
अगर इसके रहते रहते
आराम में कमी न होगी
दिन बीतेंगे खाते पीते ।
हम दोनों की दोनों के सिवा
कौन सेवा कर पायेगा
ऐसा अपनापन अनुराग
और कौन दे पायेगा।
है दया ईश्वर की हम पर
लम्बे समय तक साथ हैं
घूम सकते हैं अभी भी यहां
हाथ में लेकर हाथ हैं।
जोडी बनती ऊपर से ही
माता पिता आशीष देते
चुनौतियों को पार करके
आगे ही आगे बढते।
लाभ लेते सिनियर होने का
सरकारी गैर सरकारी
लगता है इस जीवन में
बहुत बडी बाजी मारी।
अंतकाल समीप जान कर
ये सोचने से डरते रहते
जरा सी तबियत हुई खराब
डॉक्टर के पास दौडे जाते।
हाथ पांव झूलते रहते
सिर भी हिलता रहता है
फिर भी जिन्दा ही रहने का
बहुत मन करता रहता।
डर मृत्यु का अधिक है
इस असार संसार में
मर मर कर जीते रह रहे
हम यहां बेकार में।
विद्या
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