What is your favorite holiday? Why is it your favorite?
गर्मियों की छुट्टियां मेरा फेवरेट होलीडे रहा है ।क्योंकि एकसौबीस दिनों की आजादी स्कूल बंद सुबह से शाम तक जो मन सो करना रहता था।पापा की तमाम हिदायतें कि इन छुट्टियों में कोर्स पूरा कर लो नित्य स्टडी आवर की समय सारिणी बनती और बस यहीं तक ।हां हां जरूर जरूर कह कर कभी नहीं पढना पकडे जाने पर पिटाई खाना और नहीं सुधरना।इसमें सोने पर सुहागा ये हो जाता जब नानी के घर जाने का प्रोग्राम बनता ।तब तो पढाई से फुल छुट्टी ।नानी के घर हमउम्र मामा मौसी एवं ममेरे मौसेरे भाई बहन के साथ की धमाचौकडी तो आज भी मजा देती है।ये स्मृतियां अनमोल हैं ।सबके साथ बागीचे में कच्ची अमिया की घुघनी बना कर खाना लू भरी दुपहरी में आम के पेड केनीचे झूला झूलना अमिया चुनना ,आइस पाइस ,डेंगा पानी ,छुआछुई खेलना ।नाना जी द्वारा पकडे जाकर घर आना उनके बडे हॉल में सोने के लिये घुसा दिया जाना ।न मोबाइल न टीवी ।चारो तरफ के परदे गिरा कर सब दरवाजा बंद कर छोटा सा होल छोडना फिर गमछी से अंदर की मक्खियों को भगाना उसके बाद सख्त हिदायत की कोई खुसुर पुसुर नहीं चुपचाप सो जाओ सब पांच बजे उठोगे तो ठंडी चीजें जैसे छाछ या लस्सी ,बेल का शरबत,
तरबूज खरबूज जैसी चीजें मिलेंगी ।हम लोगों का आंख बंद कर सोने का नाटक करना नींद नहीं आने पर एक दूसरे की शिकायत करना कि वो नहीं सो रहा है ।इसी तरह दोपहर कटती थी ।लगता था नानी के यहां कारू का खजाना है कितनी तरह की चीजें खाने को मिलती हैं मजा आजाता था ।
मुझे साल भर इस छुट्टी का इंतजार रहता था और मम्मी की खुशामद करती रहती थी कि छुट्टियों में वहां जाने का प्रोग्राम अवश्य बनायें ।
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