Do you think we’re shaped more by our experiences or by who we are?
जन्मजात संस्कार के साथ जीवन की परिस्थितियां अनेक प्रकार के अनुभव किसी भी व्यक्तित्व को निखारने का काम करते हैं।मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है।मैं एक संस्कार वान परिवार में पैदा हुई थी ।बचपन से धार्मिक क्रिया कलाप सहयोग देखते देखते बडी हुई उसका गहरा असर मेरे ऊपर पडा है आज मैं जो कुछ हूं उसमें इन सारी चीजों का मिश्रण है।
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