भौतिकता की चकाचौंध से
अलग इस निर्मल स्थल में
प्रकृति को देखने का मौका
मिला था इसी जीवन में ।
कितने ऐसे फूल दिखे
जिनके नाम नहीं जानते
जो कोई कुछ बताता था
उसी को सही मान लेते ।
था बडा लुभावना परिदृश्य
प्राकृतिक संपदा बिखरी हुई
लौंग ,इलायची ,दाल चीनी
मरीच ,जावित्री, लटकीहुई।
चाय पत्ती कॉफी बीज भी
लगे हुए थे पहाडियो पर
घनी हरियाली पसरी थी
सीढी नुमा विस्तृत खेतों पर।
केरल के इडुक्की जिले् में
है हिल स्टेशन मुन्नार सुन्दर
बादलों से ढकी पहाडियां
स्वच्छ जल के झरने झर झर।
सबाना के घने जंगल संग
ढेरों हरी भरी पहाडियां
एराविकुलम नेशनल पार्क संग
तीन तीन धारा्ओं की लहरियां।
नील कुरंजी के नीले फूल
बारह बरस में खिल जाते
अपनी नीलाभा से यहां के
सौंदर्य को द्विगणित करते।
सुबह सुबह सूर्योदय देखना
रिसॉट की छत पर बैठ कर
सूर्य लालिमा के आगे से
मेघ विचरते रह रह कर।
पहाडियों के बीच से झांकता
सूरज रश्मियों को बिखेरता था
बादल,पहाड,रश्मि ,हवा मिल
मन की मुग्धता बढाता था ।
देश की प्रकृति अलंकृत है
बहुरंगी फूल पत्तियों से
अनेक तरह के मसाले बूटियों
पालन उपयोगी वस्तुओं से।
विद्या
——////——////——////——////——////——////—-\\\\
टिप्पणी करे