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Eternal Learner

“चार्जर की खोज में दुनिया”

चार्जर तो भायरल हुआ

इन्टरनेट के आने से

आवश्यक आवश्यकता है

मशीनी सभ्यता लाने से।

बिना इसके जीवन बेकार

बनता सारे लोगों का

लुट गया खो गया सब

चिर आनंद भोगों का ।

कार ,मोबाइल,इन्वरटर ,

टैब,लैपटॉप,कम्प्युटर

सभी यांत्रिक वस्तुएं हैं

चार्जर पर ही निर्भर।

खो गया,या खराब हुआ

फिर तो गजब वेचैनी है

नींद ,चैन,सुकून छिन गया

हालत रोनी रोनी है।

भोजन पानी से पहले

इसका नंबर आता है

नहीं मिलने के बाद तो

छटपटी ही लग जाता है।

रोजी रोटी,आवाजाही

चार्जर पर ही टिका है

इसके बिना तो पूरा

काम काज ही रूका है।

इसने बना दिया स्वार्थी

बूढे वुजुर्ग लोगों को भी

ले ले कोई उनका चार्जर

फिर देखों उनका रूप भी।

मेरा चार्जर ले गये थे

लाकर फिर दिया नहीं

रख दिया कहां पर तुमने

या फेंक दिया है कहीं।

इसी लिये देता नहीं कभी

बिना पूछे ले जाते हो

मेरी किसी चीज को तुम

यूं ही बर्वाद करते हो।

मेरा गीता का क्लास है

हेल्थ का जूम मिटिंग भी

राम ऱक्षा स्तोत्र सुनता

नित्य सुबह सुबह अभी।

ले कर गये कोई बात नहीं

फिर देकर तो जाते

मेरी भी कुछ जरूरतें हैं

समझ क्यों नहीं पाते।

दादा जी की नाराजगी

चार्जर के लिये ही है

चार्जड मोबाइल टाइम देता

पूरा पूरा मनोरंजन करता है।

दुनिया चार्जर खोजती है

बच्चे बूढे औ जवान

इन्टरटेनमेंट का बना साधन

माडर्निटी की है पहचान।

विद्या

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