What’s a moment when a stranger completely restored your faith in people?
चार धाम यात्रा के दौरान केदार नाथ धाम की घटना है ।मेरी दिवंगत पुत्री ऋचा सपरिवार मेरे साथ थी ।मेरे लिये हर जगह ह्वील चेयर और पिटठू का इंत जाम था ।दर्शन होने के बाद संध्या बेला में हेलिकॉप्टर से लौटना था कि वर्षा होने लगी ।सोचिये केदार नाथ की ठंड में वर्षा क्या स्थिति होगी ।मुझे पिट्ठू पर लदवा कर बेटी पास ही बने टेन्ट में ले जाने लगी।मेरी हालत तब भी खराब थी ठंड के कारण सांस फूलने लगी थी जोर से वेचैनी बढी हुई थी ।रास्ता बंद होने के कारण रात में वहीं रूकना था ।ऐसी परिस्थिति में सफेद वस्त्र धारी आया और उसने ऑक्सीजन भरा एक बडा बोतल बेटी को थमाया। ऋचा ने पूछा ये क्यों दे रहे तो उसने कहा कि आपकी माता जी को जरूरत है उन्हे दीजिये मेरा काम हो गया है।हम लोगों को आश्चर्य हुआ कि ये कौन है फिर भक्ति रस में डूबी मानसिकता ने सोचा कि जरूर बाबा केदारनाथ होंगे ।बोतल में ऑक्सीजन भी मिलता है ये जानकारी उसी दिन मिली थी ।बेटी ने बैठ कर कैसे लेना है बताया फिर लेने के बाद मेरी सांस में सांस आई ।थोडा नार्मल होने के बाद बेटी ने कहा और दोतीन बोतल ले लेंगे जिससे तुम्हें ऐसी तकलीफ न हो ।इस घटना ने मुझे ये बता दिया कि अभी भी दुनिया सज्जनों से खाली नहीं है बहुत से सत्चरित्र लोग हैं जिनके दम पर दुनिया टिकी है।
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