How do you deal with uncertainty?
अनिश्चितता में मेरे डील करने को क्या रह जाता है?वो तो अचानक आ उपस्थित होता है उस समय जैसी बुद्धि होती है वैसा कार्य करती हूं।भगवान की मर्जी समझ कर झेल लेती हूं।जैसे 2003 में अमावस्या के दिन सुबह सुबह मेरे घर के ऊपर बडा सा ताड का पेड गिर गया था जिससे छत पूरी क्रैक कर गई और पानी का प्लास्टिक वाला टंकी भी टूट गया था।छत की मरम्मत तो बाद में की जा सकती थी पर पानी की टंकी के लिये तुरंत कोई उपाय करना पडा था।इतनी परेशानी में भी हम लोग ये सोच कर भगवान को धन्यवाद दे रहे थे कि उस समय परिवार का कोई सदस्य बाहर नहीं था नहीं तो कुछ और बडी घटना हो सकती थी ।
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