What’s a book you never finished but still think about?
“सौंदर्य लहरी “आदि गुरू शंकराचार्य द्वारा रचित संस्कृत में लिखी पुस्तक है जिसका अनुवाद मैं पढती हूं पर चिंतन की ऐसी गहराई उसमें है कि उलझ कर रह जाती हूं पूरा नहीं कर पाती ।उसके बारे में सोचने पर मन आध्यात्मिक बातों में विचरने लगता है।
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