What’s the most spontaneous thing you’ve ever done?
मैं अपने महाविद्यालय के टीचर्स एसोशियेशन की प्रेसीडेन्ट थी इसी लिये आये दिन इस तरह की हाजिर जबाबी की जरूरत पडती थी ।एक दौरान हमारी प्राचार्या को कॉलेज को ऑटोनामस बनवाने का भूत चढा था जिसके विरोध में करीब सारी डेढ सौ टीचर्स थीं।उन्होंने कागजी कारवाई बहुत कर ली थी एसोशियेशन भी जबाब में आवेदन प्रतिवेदन देता जा रहा था ।अंत में हार कर कुलपति महोदय को बुलाया गया हॉल में करीब एक घंटे तक हमें समझाया गया कि ऑटोनोमस के कितने फायदे है।फिर घोषणा हुई कि शिक्षकों को कुछ कहना है तो कोई एक आकर अपनी बात कहें ।संयोग से सर्व सम्मति से मुझे ही भेजा गया ।मैंने कोई तैयारी नहीं की थी पर स्टेज पर जाकर एक वाक्य में कहा “आदरणीय कुलपति महोदय अगर आप कहेंगे कि ऑटोनोमस होने पर हम किंग मिडास जैसे हो जायेंगे जो छुऐंगे वही सोना हो जायेगा तो भी हम लोग कहेंगे कि हमें नहीं चाहिये, नहीं चाहिये ,नहीं चाहिये।”मेरे इस उत्तर से सबलोग अचंभित और प्रसन्न हुए अंततःहमने ऑटोनोमस नहीं बनने दिया।
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