दिखावा पसन्द करते लोग
अंदर कुछ हैं बाहर कुछ
बढ़ा चढ़ा कर दिखाने से
बढ़ती है समाज में पूछ ।
नक़ली चीजें यूज करते
असली बताने में न हिचकते
पोल खुलने के बाद भी
कोई शर्म नहीं करते।
चादर जितनी भी छोटी हो
खींच तान कर बड़ा दिखाते
हाव भाव ,भाषा टोन से भी
इठला इठला कर बोलते।
रहना ,सहना ,खाना ,पीना
क़र्ज़ ही लेकर घृत पीना
चार्वाक के महामंत्र को
शतप्रतिशत मान कर चलना।
घर में भूंजी भांग न रहना
ड्योढ़ी पर नाच दिखाना
ईंट ड्रिंक औ वी मेरी का
लक्ष्यहीन राह अपनाना।
महाविलासी लोग भी
दिखावा बाबा वाला करते
ढगते हैं सबको आराम से
धन राशि से घर भरते।
नक़ली साधु बन रावण ने
इतना बड़ा कांड रचा था
परिणाम उसका क्या होगा
ये तो कभी नहीं सोचा था।
वेश बदल बदल यहाँ पर
जितने भी कार्य हुए हैं
परिणाम उसका कभी भी
कल्याणकारी नहीं हुए हैं।
झूठ मूठ फ़रेब करके
नक़ली अधिकारी बन के
शान दिखा कर झूठी मूठी
सम्मान पाते बन ठन के।
दस की चीज़ पचास बताना
मन ही मन कुरचते रहना
अपनी चतुराई के ऊपर
अंदर ही अंदर पुलकना।
दिखावे से बच कर रहना
सरल मार्ग से जीवन बिताना
अपनी इज़्ज़त अपने हाथ
प्रतिष्ठा बचा कर रखना।
विद्या
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