What’s a completely useless fact you love sharing?
मुझे ऐसी घटनाएं शेयर करना पसन्द हैं जिसमें मेरी मूर्खता सिद्ध हुई हो और उसके बाद मुझे कुछ बडा लेशन मिला हो।जैसे एक बार अपने पीएच डी के काम से मैं पटना विश्वविद्यालय के कुलपति केआवास पर गई थी ।मैं तिलका मांझी भागलपुर विश्व विद्यालय के कालेज में व्याख्याता पद पर कार्यरत थी।वहां कुलपति महोदय मार्निंग वाक के कपडों में ही सहयोगियों के संग बैठे थे ।मैंने उन्हें नहीं पहचाना और बिना अभिवादन किये वहां रखे एक कुर्सी पर बैठ गई।जब मेरे कागजात पर उन्होंने हस्ताक्षर करना प्रारंभ कर दिया तब मुझे लगा कि ये ही कुलपति हैं और आश्चर्य भरे स्वर में बोल उठी आप वी सी हैं सर ?सब लोग हंस पडे कि आपने नहीं पहचाना था उसके बाद बार बार क्षमा याचना करते हुए मैने उन सबों का अभिवादन किया था।फिर उन्होंने पूछा कि आपने हमलोगों को क्या समझा था तो मैंने कहा था कि मैं समझ रही थी कि वी सी ॲाफिस के स्टॅाफ लोग होंगे ।फिर घर आकर पापा को बताकर खूब हंसी पापा ने कान खींच कर कहा था कि विद्या रानी तुम रह गई बुडबक की बुडवक।
एक उत्तर दें