vidus

Eternal Learner

If you could change the ending of any book, which one would it be?

वैसे तो किसी भी रचनाकार की रचना में हस्तक्षेप करना गलत है पर अगर करना ही है तो मैं प्रेमचंद के उपन्यास निर्मला का अंत बदलना चाहूंगी ।बेमेल विवाह की शिकार निर्मला अपने बूढे पति तोता राम के संदेह के कारणमर जाती है और उसका बडा पुत्र भी इसी ग्लानि से मर जाता है कि पिता जी मुझ पर संदेह करते हैं ।मैं बूढे तोताराम की मृत्यु दिखा कर मंसाराम और निर्मला की शादी करवा दूंगी जैसा कि शिवपूजन सहाय ने अपनी कहानी में भगजोगनी की शादी उसके सौतेले बेटे से करवा दिया है।

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