What’s a small moment from your past that you still think about years later?
1982 की बात है मार्च में मेरे बड़े बेटे का जन्म हुआ था वो क़रीब दो महीने का था तब मेरी सासु माँ ने यूँही बात चीत में कहा था किसी को मेरे बारे में कि ये लोग अभी तक मेरे ख़रीदे हुए पलंग पर ही सोते हैं न तो इसके मायके से आया और न उन लोगों ने ही ख़रीदा है। इसबात का बहुत ग़ुस्सा आ गया मुझे।हिम्मत तो नहीं थी कि उनको सामने से कुछ बोल दूँ क्यों कि गाँव भर में उनका अच्छी धाक थी पर मन ही मन मैंने निर्णय लिया कि आज इनके ऑफिस से आते ही मैं पलंग निकलवा दूँगी और इस नन्हें बच्चे को लेकर भूमि पर ही सो जाऊँगी झगड़ा हो तो हो । सुबह ग्यारह बजे से शाम तीन बजे तक यही सोचती रही उसके बाद माँ क्या बोलेंगी किया समझायेंगी झकेंगी सब सोचती रही। इसी क्रम में एक विचार आया कि पलंग तो मैं लौटा दूँगी पर जिनके साथ जीवन बंधा है मेरे पति वो भी तो उनका ही बेटा है उनको तो नहीं लौटाऊँगी अगर वो कहेंगी कि पलंग के साथ मेरा बेटा भी लौटा दो तब क्या करूँगी फिर मेरे मन में विपरीत विचार आया कि जब तुम्हारा बेटा ही ले ली हूँ तब सब कुछ मेरा है पलंग वग़ैरह तो उसके सामने कुछ नहीं है और वो पलंग लौटाने की बात वेवकूफी लगने लगी थी ।इस विचार के आते ही झगड़ा करने की बात उड़ गई और एक कलह होने से बच गया ।आज भी मुझे वो घटना याद आती है।
एक उत्तर दें